पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बनाए रखने और बच्चों के हितों की रक्षा के लिए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने एक बड़ा फैसला लिया है। डीएम ने जिले के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में मैजिक शो (जादू के खेल) के आयोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में पढ़ाई बाधित करने वाली किसी भी गतिविधि और बच्चों के नाम पर होने वाली अनुचित वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, हाल ही में जिले के स्कूलों में हरियाणा के एक जादूगर द्वारा मैजिक शो आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी। मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से स्कूलों को इसके लिए पत्र भी जारी किया गया था, जिसमें इसे मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और अंधविश्वास के खिलाफ एक मुहिम बताया गया था। हालांकि, जैसे ही यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे बच्चों के शैक्षिक हितों के प्रतिकूल मानते हुए अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल वही गतिविधियां संचालित होनी चाहिए जो छात्रों के शैक्षिक, नैतिक और मानसिक विकास में सहायक हों। उन्होंने अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधनों को चेतावनी दी है कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या उनके शैक्षिक समय को मनोरंजन के नाम पर बर्बाद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने अब जिले के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने आदेश दिया है कि भविष्य में यदि किसी भी स्कूल में बिना ठोस आधार और अनुमति के इस प्रकार की गतिविधियां पाई गईं, तो स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि मैजिक शो के नाम पर स्कूलों में बच्चों से अनिवार्य रूप से धनराशि ली जाती है, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। डीएम के इस फैसले के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और अभिभावक संघों ने राहत की सांस ली है। इस आदेश के बाद अब सीमांत जिले के स्कूलों में केवल पठन-पाठन पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद जताई जा रही है।