Jun 15, 2026

मुकेश अंबानी ने बदरीनाथ और केदारनाथ में बेहतर सुविधाओं के लिए दिए 10 करोड़ रुपये

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चमोली। देश के प्रमुख उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल एवं बाबा केदारनाथ के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को कुल 10 करोड़ रुपये की धनराशि दान स्वरूप भेंट की।

जानकारी के अनुसार मुकेश अंबानी सुबह सबसे पहले श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान बदरीविशाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में बीकेटीसी के पदाधिकारियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया तथा उन्हें प्रसाद भेंट किया। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर समिति को दो अलग-अलग चेक सौंपे। इनमें बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं एवं विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये तथा केदारनाथ धाम के लिए भी 5 करोड़ रुपये की धनराशि शामिल है। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि अंबानी परिवार की दोनों धामों के प्रति गहरी आस्था रही है और वे समय-समय पर धार्मिक एवं सेवा कार्यों में सहयोग करते रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने श्रद्धाभाव के साथ मंदिर समिति को 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुकेश अंबानी के इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंबानी परिवार की भगवान बदरीविशाल और बाबा केदारनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा है। उन्होंने बताया कि पूर्व वर्षों की भांति इस बार भी अंबानी परिवार ने उदारतापूर्वक दान देकर धामों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राशि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न विकास कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगी। मुकेश अंबानी के इस धार्मिक दौरे और बड़े दान की चर्चा पूरे चारधाम क्षेत्र में रही। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी इसे सनातन परंपरा एवं धार्मिक आस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। मंदिर समिति के अनुसार यह सहयोग धामों में चल रहे विभिन्न विकास एवं सेवा कार्यों को नई गति प्रदान करेगा। वही चारधाम यात्रा के बीच देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल मुकेश अंबानी की यह यात्रा और 10 करोड़ रुपये का दान श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।