Oct 29, 2026
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भराड़ीसैंण में सियासी संग्राम: कानून व्यवस्था और जनहित मुद्दों पर सरकार से जवाब तलब

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भराड़ीसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन सियासी पारा चढ़ने के पूरे आसार हैं। आज का दिन विधायी कामकाज और राजनीतिक टकराव, दोनों ही दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट को पारित कराने और नौ अहम विधेयकों को सदन के पटल पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने अंकिता भंडारी हत्याकांड और राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की चौतरफा घेराबंदी का खाका तैयार कर लिया है। सदन की शुरुआत सवा घंटे के प्रश्नकाल से होगी। इस दौरान विधायकों के तीखे सवालों का सीधा सामना कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और भरत चौधरी को करना पड़ेगा। रेखा आर्या के जिम्मे महिला कल्याण, खेल, युवा कल्याण, खाद्य आपूर्ति और ईवीएम से जुड़े विषय हैं, जिन पर विपक्ष जनहित और योजनाओं की जमीनी हकीकत को लेकर जवाब तलब करेगा। वहीं ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित मसलों पर मंत्री भरत चौधरी विधायकों के निशाने पर रहेंगे। ग्रामीण विकास और पलायन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को अपनी उपलब्धियों का बचाव करना होगा। प्रश्नकाल के ठीक बाद विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने की रणनीति बना चुका है। लंबे समय से प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहे अंकिता भंडारी प्रकरण को विपक्ष नियम 300 के तहत उठाने जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर भी सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे। विपक्ष की कोशिश कार्यस्थगन या विशेष चर्चा के जरिए सरकार की जवाबदेही तय करने की होगी, जिससे सदन में हंगामे और तीखी नोकझोंक के पूरे आसार बन रहे हैं। सदन की कार्यसूची में आज का सबसे बड़ा विधायी एजेंडा वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान है। मंगलवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट के जरिए गृह, वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, लोक निर्माण, कृषि और पर्यटन समेत कई प्रमुख विभागों के लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद उत्तराखंड विनियोग विधेयक, 2026 को पारित कराया जाएगा।