Apr 15, 2026

देवभूमि यात्रा के लिए सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: आईजी अनंत शंकर ताकवाले ने डामटा से पवित्र मंदिर तक यमुनोत्री मार्ग का निरीक्षण किया

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उत्तरकाशी। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में सोमवार को यमुनोत्री धाम के नोडल अधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अनंत शंकर ताकवाले ने डामटा से लेकर यमुनोत्री मंदिर तक के पूरे यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान आईजी ताकवाले ने जानकीचट्टी और यमुनोत्री पैदल मार्ग पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान भीड़ के अत्यधिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए फूलचट्टी और रानाचट्टी को 'अस्थायी होल्डिंग एरिया' के रूप में तैयार रखा जाए। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए पुलिस बल को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के मद्देनजर शाम के एक निश्चित समय के बाद जानकीचट्टी से यात्रियों को मंदिर की ओर नहीं भेजा जाएगा। पैदल मार्ग पर यातायात और सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए इस बार घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालन के लिए रोटेशन प्रणाली लागू की जाएगी। आईजी ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों और प्रमुख पड़ावों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, बाहरी व्यक्तियों और वाहन चालकों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके। भूस्खलन प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आईजी ने वहां मार्ग के दोनों ओर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए घाटों और मुख्य पड़ावों पर फायर सर्विस, एसडीआरएफ और क्यूआरटी टीमों की तैनाती पर विशेष जोर दिया गया है। सुरक्षा के साथ-साथ आईजी ने यात्रा मार्ग पर कूड़ा निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बिठाकर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने फिसलन वाले स्थानों की नियमित सफाई और चेकपोस्टों पर तैनात जवानों के लिए भोजन व अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की। इस निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि यमुनोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों को पहले से बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।