देहरादून। उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वीं यूटीटी इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का शानदार आगाज हो गया है। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उत्तराखंड को पहली बार इस स्तर की चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर मिला है।
15 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक चलने वाली इस नौ दिवसीय चैंपियनशिप में देशभर के 29 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में फिलहाल अंडर-19 महिला वर्ग के कड़े मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिसके बाद पुरुष वर्ग की स्पर्धाएं शुरू होंगी। चैंपियनशिप को कुल 8 ग्रुपों में बांटा गया है, जिसमें देश के शीर्ष उभरते खिलाड़ी नेशनल टाइटल के लिए पसीना बहाएंगे। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड अब खेलों की मेजबानी के मामले में देश का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। उन्होंने टेबल टेनिस महासंघ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद देशभर के खिलाड़ी यहां से एक सुखद अनुभव लेकर गए हैं। देहरादून का स्पोर्ट्स कॉलेज हो, टिहरी की झील हो या शिवपुरी-टनकपुर में रिवर राफ्टिंग, हम हर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं। सीएम ने प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व जताते हुए याद दिलाया कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी, जो भविष्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ ने 2025-26 के कैलेंडर को अलग-अलग शहरों में विभाजित किया है। इसी कड़ी में सब-जूनियर चैंपियनशिप गुजरात में और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप इंदौर में आयोजित की जा चुकी है। अब जूनियर और यूथ वर्ग के लिए देहरादून को केंद्र बनाया गया है। आयोजन समिति ने खिलाड़ियों के ठहरने, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। राजधानी देहरादून के साथ-साथ हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी और पर्वतीय क्षेत्रों में भी खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि देवभूमि अब 'खेल भूमि' के रूप में अपनी पहचान सशक्त कर रही है। परेड ग्राउंड के बहुउद्देशीय हॉल में अंतरराष्ट्रीय मानकों की टेबल और सुविधाओं के बीच हो रहे इन मुकाबलों से प्रदेश के स्थानीय युवा खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर की बारीकियों को सीखने का अवसर मिलेगा।