उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के बीच टिहरी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। बदरीनाथ से तीर्थयात्रियों को लेकर देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का एक हेलीकॉप्टर उड़ान के दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। तार फंसते ही हेलीकॉप्टर हवा में ताश के पत्ते की तरह हिचकोले खाने लगा और अनियंत्रित होकर नीचे गिरने लगा। मौत को बेहद करीब देखकर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लेकिन, इस बेहद खौफनाक मोड़ पर महिला पायलट अनुपमा चौधरी की अदम्य साहस और सूझबूझ ने एक चमत्कार कर दिखाया। उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए न केवल हेलीकॉप्टर पर नियंत्रण पाया, बल्कि फंसे हुए तार के साथ ही उसे नीचे खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। इस तरह एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया और सभी 7 जानें सुरक्षित बच गईं।
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर को पहले तय शेड्यूल के मुताबिक गुप्तकाशी होकर देहरादून पहुंचना था। लेकिन ऐन वक्त पर पायलट को सीधे देहरादून जाने का संदेश मिला, जिसके कारण उन्हें निर्धारित रूट बदलना पड़ा। सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब हेलीकॉप्टर नए रूट से चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भर रहा था, तभी अचानक उसका पिछला रोटर (Tail Rotor) वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के तारों में उलझ गया। तार फंसते ही आसमान में एक जोरदार झटका लगा और हेलीकॉप्टर डगमगाने लगा। ऐसा लग रहा था कि यह किसी भी वक्त क्रैश हो जाएगा। स्थिति बेहद भयावह हो चुकी थी। पायलट अनुपमा चौधरी ने इस वीभत्स परिस्थिति में भी अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने सूझबूझ से काम लिया और भारी भरकम बिजली के तारों में उलझे हेलीकॉप्टर की सत्यों-सकलाना के खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट समेत सभी छह यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। हेलीकॉप्टर में पायलट के अलावा राज सूरी, श्रीराज सूरी, भूमि सूरी, पार्थ सूरी, हिमांशी पटेल और निष्का सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही चंबा-सत्यो पुलिस और प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। धनोल्टी तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि पायलट की त्वरित सूझबूझ और बहादुरी के कारण ही आज एक भीषण विमान हादसा टला है। प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए सभी डरे-सहमे यात्रियों को सुरक्षित सत्यों से सड़क मार्ग के जरिए देहरादून भेज दिया है। इस साहसिक कदम के लिए हर तरफ महिला पायलट अनुपमा चौधरी की जमकर तारीफ हो रही है।