उत्तरकाशी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में अचानक बदले मौसम और बर्फबारी के बीच फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार को युद्धस्तर पर हेली रेस्क्यू अभियान चलाया गया। मौसम खुलने के साथ सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए अभियान में 40 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया। हालांकि दोपहर करीब दो बजे के बाद उच्च हिमालय में मौसम फिर खराब होने से हवाई रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। अब शेष 96 ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए मंगलवार को मौसम अनुकूल होने पर अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। रेस्क्यू अभियान के दौरान यूकाडा और निजी कंपनियों के करीब आठ हेलीकॉप्टर लगाए गए। हेलीकॉप्टर एक-एक कर बेस कैंपों के लिए उड़ान भरते और चार से पांच ट्रेकर्स को लेकर हर्षिल लौटते रहे। आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार सोमवार को उडन कोल पास बेस कैंप से 29 और कालिंदी ट्रेक बेस कैंप से 11 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला गया। बीते शनिवार और रविवार को मौसम में अचानक आए बदलाव और बर्फबारी के कारण उच्च हिमालय में पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए गए कुल 136 लोग फंस गए थे। इनमें हाई अल्टीट्यूट एक्सपीडिशन के 89 पर्वतारोही तथा हाई अल्टीट्यूड ट्रेकिंग के तहत कालिंदी पास बेस कैंप में 18 और उडन कोल पास बेस कैंप में 29 ट्रेकर्स शामिल थे। खराब मौसम के कारण ये लोग न तो नीचे लौट पा रहे थे और न ही आगे का अभियान जारी रख पा रहे थे। जिला प्रशासन ने सूचना मिलते ही रेस्क्यू की कार्ययोजना तैयार की। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मौसम की स्थिति को देखते हुए हेली सेवाओं को अलर्ट रहने और मौसम खुलने पर तत्काल हवाई रेस्क्यू शुरू करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को मौसम में सुधार मिलते ही अभियान शुरू कर दिया गया। हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के तहत माउंट सुदर्शन के तपोवन बेस कैंप में 12, माउंट भागीरथी द्वितीय के रक्तवन बेस कैंप में 20 और नंदनवन में नौ, माउंट जोगिन प्रथम क्षेत्र में आठ, माउंट शिवलिंग के तपोवन बेस कैंप में पांच तथा अन्य स्थान पर आठ, माउंट सतोपंथ के वासुकीताल बेस में नौ और श्रीकंठ चोटी के बेस में 18 पर्वतारोही फंसे थे। इन सभी को सुरक्षित निकालना प्रशासन की प्राथमिकता है। वहीं, कालिंदी पास में फंसे 18 में से 11 को निकाल लिया गया है, जबकि उडन कोल पास में फंसे सभी 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया जा चुका है। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए केवल हवाई रेस्क्यू पर निर्भरता नहीं रखी गई है। आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गंगोत्री नेशनल पार्क की पैदल रेस्क्यू टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। हर्षिल को रेस्क्यू अभियान का बेस कैंप बनाया गया है। डीएम प्रशांत आर्य और एसपी कमलेश उपाध्याय ने सोमवार को हर्षिल हेलीपैड पहुंचकर अभियान का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस, सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमों से ट्रेकर्स की लोकेशन, मौसम और हवाई एवं पैदल रेस्क्यू मार्गों की जानकारी ली। एसपी के अनुसार देहरादून से एसडीआरएफ का 15 सदस्यीय विशेष दल भी अभियान में जुटा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अब मंगलवार को मौसम की स्थिति के अनुसार अभियान की अगली रणनीति तय होगी और शेष 96 लोगों को सुरक्षित निकालने पर पूरा फोकस रहेगा।
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- by News Desk
- Sep 28, 2026