उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि देवभूमि की पावन संस्कृति, जनकल्याणकारी संकल्प और सादगी का प्रतीक बनकर उभरा। 16 सितंबर को बड़कोट स्थित यमुनोत्री धाम में जहां एक ओर सीएम धामी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए विशेष पूजा-अर्चना व प्रार्थनाएं की गईं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने देहरादून स्थित 'राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान' में बच्चों के साथ समय बिताकर अपनी संवेदनशीलता और जन-सरोकारों का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपना जन्मदिन धार्मिक आस्था और सामाजिक संवेदना के साथ मनाया। मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर यमुनोत्री धाम में विशेष पूजा-अर्चना कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की गई, वहीं मुख्यमंत्री स्वयं देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचे और दिव्यांग बच्चों के बीच जन्मदिन मनाया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ केक काटा, उनसे संवाद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री की जन्मतिथि 16 सितंबर 1975 है। मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर यमुनोत्री धाम में रावल पुरुषोत्तम उनियाल समेत मंदिर के पुजारियों ने विशेष पूजा-अर्चना कराई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की गई। चारधामों में प्रमुख यमुनोत्री धाम में हुए इस धार्मिक आयोजन को मुख्यमंत्री के जन्मदिन से जोड़कर देखा गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के बीच भी दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री धामी ने जन्मदिन के मौके पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर बच्चों के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, गतिविधियों और भविष्य को लेकर जानकारी ली। इसके बाद बच्चों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उनका कहना था कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम जन्मदिन समारोह को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक सरोकार से जोड़ने वाला रहा। दिव्यांग बच्चों के साथ संवाद और उनका उत्साहवर्धन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज के हित में किए जा रहे कार्यों से उनके जीवन में यश और गौरव बढ़े। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुभव, समर्पण और दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए उत्तराखंड के निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की कामना की। प्रधानमंत्री के संदेश में विकसित भारत के निर्माण में राज्यों की भूमिका और प्रदेश की सामर्थ्य, संसाधनों तथा जनशक्ति को नए आयाम देने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। सीएम धामी के जन्मदिन पर एक ओर जहां यमुनोत्री धाम में धार्मिक अनुष्ठान हुआ, वहीं देहरादून में दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकार से जुड़े संदेश को सामने रखा। उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ़ के तुण्डी गांव में हुआ था और वह वर्तमान में चंपावत विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। जन्मदिन के इन कार्यक्रमों में दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं—एक देवभूमि के प्रमुख तीर्थ यमुनोत्री में आस्था की, तो दूसरी दिव्यांग बच्चों के बीच संवेदना और सहभागिता की। यही वजह रही कि मुख्यमंत्री का जन्मदिन राजनीतिक और औपचारिक आयोजनों के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा नजर आया।