Oct 26, 2026
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महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सीएम धामी का राजनीतिक हमला: बोले-उत्तराखंड के मान-सम्मान से बड़ा कुछ नहीं

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देहरादून। नगर निगम की ओर से आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर आयोजित शोभायात्रा कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक तीखा राजनीतिक रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने धार्मिक मंच से राज्य के गौरव और स्वाभिमान का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन पर चौतरफा जुबानी हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के मान-सम्मान, अस्मिता और गौरव से बढ़कर कुछ भी नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहा था। सीएम धामी ने कांग्रेस पर सवाल दागते हुए कहा, "प्रदेश में कांग्रेस और सपा का गठबंधन है। ऐसे में कांग्रेस को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह अखिलेश यादव के इस बयान से सहमत है? अगर सहमत नहीं है तो उसे खुलकर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि नेताओं और राजनीतिक दलों की आपस में गठबंधन की मजबूरी हो सकती है, लेकिन उत्तराखंड की स्वाभिमानी जनता की ऐसी कोई मजबूरी नहीं है कि वह राज्य में ऐसे लोगों को अपने पैर जमाने की जगह दे।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए दर्दनाक मुजफ्फरनगर (रामपुर तिराहा), मसूरी और खटीमा गोलीकांडों का जिक्र करते हुए तत्कालीन सरकारों की मानसिकता पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दुखद और बर्बर घटनाएं उसी दौर में हुईं जब अखिलेश यादव और राहुल गांधी के पिता सत्ता के शीर्ष पर थे। सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि का इतिहास और यहाँ के शहीदों का बलिदान इस बात का गवाह है कि उत्तराखंड की जनता ने अपने अधिकारों के लिए कितना संघर्ष किया है। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का प्रमुखता से उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड की माटी के लाल हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत की सामरिक ताकत बढ़ाने, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और निस्वार्थ भाव से देश सेवा में समर्पित किया है। सीएम धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार अजीत डोभाल जैसे राष्ट्रभक्त के खिलाफ अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद उत्तराखंड के स्थानीय कांग्रेस नेता इस पर रहस्यमयी चुप्पी साधे रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्थानीय कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की इन टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं, तो वे खुलकर विरोध दर्ज कराने के बजाय चुप क्यों हैं? महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री धामी का यह बेबाक संबोधन राज्य की राजनीति में नया भूचाल लाने के लिए काफी है। उन्होंने एक ओर जहां वाल्मीकि समाज और जनता को राज्य की अस्मिता का अहसास कराया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की घेराबंदी कर आगामी राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है।