उत्तराखंड में आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसईआर) का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य में यह महत्वपूर्ण अभियान 8 जून से औपचारिक रूप से शुरू होगा, जिसका समापन 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ होगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पुनरीक्षण अभियान की शुरुआती तैयारी और अधिकारियों का प्रशिक्षण 29 मई से 7 जून तक चलेगा। इसके ठीक बाद, 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, अयोग्य नामों को हटाने और पते में सुधार जैसे कार्य प्राथमिकता पर किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट 14 जुलाई को सार्वजनिक किया जाएगा। यदि किसी नागरिक को सूची में दर्ज नामों या विवरणों पर कोई आपत्ति है, तो वह 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद, सभी संशोधनों के साथ 15 सितंबर को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। इस अभियान की बारीकियों और सुरक्षा मानकों पर चर्चा करने के लिए प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम आज एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता करेंगे। इसमें अभियान के दौरान तैनात की जाने वाली फोर्स, डिजिटल मॉनिटरिंग और आम जनता की सहभागिता बढ़ाने के उपायों पर जानकारी साझा की जाएगी। चुनाव आयोग ने प्रदेश के युवाओं, विशेषकर जो हाल ही में 18 वर्ष के हुए हैं, उनसे अपील की है कि वे इस अभियान का लाभ उठाकर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं।