Apr 29, 2026

वन विकास निगम ने 25 सालों में बदला राज्य का चेहरा, आर्थिक गतिविधियों के साथ इको-टूरिज्म में भी बढ़ाया हाथ

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उत्तराखंड सरकार अब शहद उत्पादन (मौन पालन) के जरिए किसानों और वनाश्रितों की आय दोगुनी करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि प्रदेश के वन क्षेत्रों में अब 'बी-बॉक्स' (मधुमक्खी पालन के डिब्बे) स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने वन विभाग को जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, कुमाऊं मंडल के लोगों की सहूलियत के लिए वहां वन विकास निगम का नया कार्यालय खोलने का भी ऐलान किया गया है।

उत्तराखंड वन विकास निगम की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सीएम धामी ने निगम की उपलब्धियों को सराहा और कर्मचारियों के बच्चों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विकास निगम राज्य की 'इकोनॉमी' (अर्थव्यवस्था) और 'इकोलॉजी' (पारिस्थितिकी) दोनों के लिए रीढ़ की हड्डी है। निगम न केवल वैज्ञानिक तरीके से वनों का प्रबंधन कर रहा है, बल्कि पिछले वर्ष 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डिजिटलाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने 'हिमकाष्ठ' मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण किया। अब इस ऐप के जरिए वन विकास निगम की लकड़ी की बिक्री और फॉरेस्ट गुड्स की ई-नीलामी पारदर्शी तरीके से हो सकेगी। इससे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूती मिलेगी और खरीदारों को भटकना नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मिशन लाइफ' का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से मार्मिक अपील की कि वे जंगल सफारी या धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान प्लास्टिक या अन्य गंदगी न फैलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हम प्रकृति को पीछे छोड़कर विकास करेंगे, तो वह विकास अधूरा और विनाशकारी होगा। वनों के भीतर बी-बॉक्स रखने की अनुमति मिलने से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अब तक वन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध थे, लेकिन इस नए प्रस्ताव से वनों के वैज्ञानिक दोहन के साथ-साथ शहद उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।