Jun 02, 2026

सपने से सफलता तक, जसमीत कौर का उत्तराखंड पीसीएस टॉपर बनने का सफर

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रुद्रपुर। रुद्रपुर की बेटी जसमीत कौर ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। जैसे ही परिणाम घोषित हुए, जसमीत के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। जसमीत की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे रुद्रपुर और ऊधम सिंह नगर जिले का नाम प्रदेशभर में रोशन कर दिया है। जसमीत कौर की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए समाज कल्याण अधिकारी के पद पर चयन हासिल किया था। वर्तमान में उनकी तैनाती बागेश्वर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में रही है। लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को यहीं सीमित नहीं रखा और लगातार मेहनत जारी रखते हुए इस बार उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त कर नई मिसाल कायम कर दी। जसमीत कौर ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा रुद्रपुर से ही प्राप्त की। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही जसमीत ने हमेशा प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने तैयारी शुरू की और कठिन परिश्रम के बल पर आज प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। अपनी सफलता पर जसमीत ने कहा कि इस उपलब्धि का पूरा श्रेय उनके माता-पिता, शिक्षकों और परिवार को जाता है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित रूप से 8 से 10 घंटे तक अध्ययन किया। अनुशासित दिनचर्या, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रहे।

पहले भी हासिल की थी बड़ी उपलब्धि
जसमीत ने बताया कि पहले प्रयास में उनका चयन समाज कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ था। इसके बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और इस बार पीसीएस परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर अपने सपने को नई ऊंचाई दी। उनका कहना है कि असफलता से घबराने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिएए क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

बेटी की सफलता पर भावुक हुए पिता
जसमीत के पिता जसवंत सिंह पाहवा रुद्रपुर के गोल मार्केट स्थित गुरुद्वारे के पास सर्वोकोन की दुकान संचालित करते हैं। बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें जसमीत उनकी इकलौती बेटी हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटी ने पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। जसवंत सिंह ने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ाई के लिए दबाव में रखने के बजाय उन्हें प्रेरित और प्रोत्साहित करना चाहिए। यदि माता-पिता बच्चों पर भरोसा करें और उनका मनोबल बढ़ाएं तो वे किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जसमीत की उपलब्धि मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग का परिणाम है।