Jul 10, 2026

झारखंड के कंडा गांव में दो बहनों की मौत से छाया मातम, आरोपी मां पुलिस की गिरफ्त में

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पलामू। झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नवा बाज़ार थाना क्षेत्र के कंडा गांव में एक महिला पर अपनी दो मासूम बेटियों को कुएं में फेंककर उनकी हत्या करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद महिला ने स्वयं भी कुएं में छलांग लगा दी, लेकिन उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में दोनों बच्चियों की मौत हो गई, जबकि तीसरी बेटी किसी तरह भागकर बच गई। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक,आरोपी महिला की पहचान सरिता देवी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुधवार रात उसका अपने पति छोटेलाल प्रजापति से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में सरिता देवी ने अपनी सास की गोद में खेल रही एक बेटी को छीनकर कुएं में फेंक दिया। इसके बाद उसने दूसरी बेटी को भी उसी कुएं में धक्का दे दिया। बताया जा रहा है कि महिला तीसरी बेटी को भी कुएं में फेंकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बच्ची मौके से भाग निकली और शोर मचाया। परिजनों और ग्रामीणों के हंगामे के बीच सरिता देवी ने भी कुएं में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर महिला को कुएं से बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक दोनों मासूम बच्चियों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत बच्चियों की पहचान प्रिया कुमारी और डॉली कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया। नवाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि सरिता देवी और उसके पति के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार में तीन बेटियां होने के कारण महिला को ताने दिए जाते थे और प्रताड़ित किया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा, पारिवारिक तनाव और बेटियों के प्रति सामाजिक भेदभाव जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और सामाजिक दबाव की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल पूरे गांव में मातम का माहौल है। मासूम बच्चियों की मौत से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे किन परिस्थितियों और कारणों ने भूमिका निभाई।