Sep 15, 2026

सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई, सीएम धामी ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में शासन व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सीएम हेल्पलाइन 1905 की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता द्वारा दर्ज कराई जा रही जन-शिकायतों और उनके निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की। सीएम धामी ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत दी कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने शिकायतों की स्थिति, उनके निस्तारण और लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने और शिकायतकर्ता को समय पर समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1905 के माध्यम से प्रदेश का कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या सरकार तक पहुंचा सकता है। वह स्वयं हर महीने हेल्पलाइन की समीक्षा करते हैं और कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत भी करते हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बड़ी संख्या में शिकायतों का समाधान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निस्तारण अभी लंबित है, उनके कारणों की समीक्षा कर उन्हें जल्द दूर किया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में प्रदेश की सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के बाद कई क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने की कार्रवाई की जाए। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और शहरी विकास विभाग की ओर से सड़कों के लिए एस्टीमेट तैयार कर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क मरम्मत के काम में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जहां सड़कें ज्यादा क्षतिग्रस्त हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जाए, ताकि आम लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो। चारधाम यात्रा के फिर गति पकड़ने और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ स्थानों पर भूस्खलन के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है और कहीं-कहीं रोकनी भी पड़ रही है। ऐसे में संबंधित विभागों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यात्रा मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक इंतजाम करने और श्रद्धालुओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। मानसून के दौरान संक्रमण और फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्थाएं रखने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए निगरानी और आवश्यक तैयारियों पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को समय-समय पर जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और मौके पर ही उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए। बैठक में पेयजल विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं को व्यवस्थित रखने और आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र छात्र को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भविष्य निर्माण योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे जल्द व्यावहारिक रूप से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि शिकायतों का समाधान, सड़क-स्वास्थ्य व्यवस्था, चारधाम यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार अब योजनाओं की घोषणा से ज्यादा उनके धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही है।