Jun 24, 2026

झारखंड प्रशासनिक नेतृत्व की सीधी देखरेख में पूरे राज्य के अस्पतालों का क्वालिटी ऑडिट शुरू

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झारखंड के स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और दागमुक्त बनाने के लिए इस वक्त फुल एक्शन मोड में आ गए हैं। राज्य में कुकुरमुत्ते की तरह अवैध रूप से संचालित हो रहे निजी नर्सिंग होम और नियमों को ताक पर रखकर चल रहे अल्ट्रासोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) सेंटर्स को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग को अत्यंत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ किया है कि सूबे के सभी 24 जिलों में एक साथ विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाकर गलत गतिविधियों में लिप्त संचालकों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जामताड़ा में मीडिया से मुखातिब होते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी बेहद भावुक और कड़े तेवर में नजर आए। उन्होंने लिंग परीक्षण और भ्रूण हत्या जैसे गंभीर मामलों पर चिंता जताते हुए कहा हमारी संस्कृति में बेटी लक्ष्मी का रूप होती है, लेकिन कुछ लालची और अपराधी प्रवृत्ति के लोग गलत तरीके से अल्ट्रासोनोग्राफी कर बेटियों को जन्म लेने से पहले ही कोख में मारने का पाप कर रहे हैं। देवभूमि झारखंड में इस घिनौने कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार मां, बहन और बेटियों की सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने आगे जोड़ा कि एक तरफ राज्य सरकार 'मंईयां सम्मान योजना' के जरिए राज्य की लाखों माताओं-बहनों को आर्थिक मदद देकर उनका सम्मान बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ अवैध नर्सिंग होम चलाने वाले माफिया इस पर बट्टा लगा रहे हैं। ऐसे सभी सेंटर्स को चिन्हित कर सीधे सील किया जाएगा और उनके लाइसेंस रद्द होंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन (गुरुजी) को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित 'पद्य भूषण' सम्मान से अलंकृत किए जाने के ऐतिहासिक फैसले पर गहरी खुशी और आभार प्रकट किया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के वासियों के लिए सबसे बड़ा गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि आदरणीय गुरुजी के लंबे संघर्ष, त्याग और अद्वितीय तपस्या का ही प्रतिफल है कि आज हमें अलग झारखंड राज्य मिला है। मंत्री ने कृतज्ञता जताते हुए कहा कि अगर गुरुजी के आंदोलन की बदौलत यह अलग राज्य वजूद में नहीं आता, तो आज वे खुद विधायक या स्वास्थ्य मंत्री बनकर जनता की सेवा करने के काबिल नहीं बन पाते। यह पूरा राज्य गुरुजी के योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।