Oct 09, 2026
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उत्तराखंड भाजपा के दिनेश आर्य निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित, कुमाऊं को 12 साल बाद मिला प्रतिनिधित्व

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उत्तराखंड की राजनीति से आज एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पूर्व पीआरओ दिनेश आर्य राज्य से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। नामांकन वापसी का निर्धारित समय पूरा होने के बाद किसी अन्य दल या प्रत्याशी द्वारा पर्चा न दाखिल किए जाने पर चुनाव आयोग की ओर से उनके निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा की गई। प्रभारी सचिव विधान सभा/रिटर्निंग ऑफिसर हेम चंद्र पंत ने उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।

उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया था। नाम वापसी की समयसीमा पूरी होने के बाद निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हुई और विधानसभा के प्रभारी सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर हेम चन्द्र पन्त ने दिनेश आर्य को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। दिनेश आर्य के राज्यसभा पहुंचने के साथ ही कुमाऊं क्षेत्र को करीब 12 साल बाद इस स्तर पर प्रतिनिधित्व मिला है। इससे पहले कुमाऊं से भगत सिंह कोश्यारी राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में दिनेश आर्य का निर्विरोध निर्वाचन भाजपा के साथ-साथ कुमाऊं की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिनेश आर्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) रह चुके हैं। मुख्यमंत्री के साथ काम करने के दौरान उन्होंने सरकार और संगठन से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाई। अब राज्यसभा पहुंचने के बाद उनके सामने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के मुद्दों को उठाने और क्षेत्र की अपेक्षाओं को संसद तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी। दिनेश आर्य वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट के दावेदार थे। हालांकि, पार्टी ने उस समय सरिता आर्य को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद दिनेश आर्य ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में मान-मनौव्वल के बाद उन्हें सरकार में जिम्मेदारी सौंपी गई। अब राज्यसभा के लिए उनका चयन राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद संगठन और सरकार में उनकी भूमिका बनी रही और अब उन्हें संसद के उच्च सदन में पहुंचने का अवसर मिला है। दिनेश आर्य के निर्विरोध निर्वाचन से कुमाऊं क्षेत्र में प्रतिनिधित्व को लेकर नई उम्मीदें जुड़ी हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाएं, रोजगार, पलायन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे राज्यसभा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इन विषयों पर उनकी प्राथमिकताएं और संसद में उनकी भूमिका आने वाले समय में स्पष्ट होगी। भाजपा के लिए भी यह निर्वाचन संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से अहम है। अब देखना होगा कि दिनेश आर्य राज्यसभा में उत्तराखंड के हितों और कुमाऊं की अपेक्षाओं को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।