यूपी में ऐसे मिलेगा बेटियों को न्याय?, दुष्कर्म के आरोपी ने पीड़िता पर दर्ज करा दिया मुकदमा

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मुरादाबाद/नैनीताल। यूपी के मुरादाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने रेप पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय उसपर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। मामले के अनुसार मुरादाबाद जिले के मझोला थाने में नोएडा यूपी के ब्रोकर ने एफआईआर दर्ज़ करवाई है जिसमें कहा गया है फार्म हाउस निर्माण करने वाली कंपनी के मालिकों और उनकी कर्मचारी के द्वारा पीड़ित से फार्म हाउस बनाने के नाम पर 64 लाख 13 हज़ार रुपए ठग लिए है जब पैसा वापस मांगा गया तो झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस के द्वारा 31 मई 2023 को दर्ज़ एफआईआर में कुलदीप कत्याल नाम के व्यवसायी से फार्म हाउस निर्माण करने वाली कंपनी कॉर्बेट नेचर क्राफ्ट के मालिक गौरव सती और उसकी असिस्टेंट पारुल सिंह ने फार्म हाउस बनवाने के नाम पर 64 लाख 14 हज़ार रुपए की ठगी की है साथ ही फार्म हाउस के नाम पर ली गयी रकम को वापसी मांगने पर झूठे केस और जान से मरने की धमकी भी दी गयी है। हांलाकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तौर पर विवेचना करने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

इस मामले में लगभग दो सप्ताह पहले कॉर्बेट नेचर क्राफ्ट के निदेशक गौरव सती ने मीडिया से मुलाक़ात करते हुए बताया था कि कुलदीप कत्याल नाम के ब्रोकर से मुलाक़ात उनकी कर्मचारी पारुल के जरिये हुई थी पारुल से कुलदीप कत्याल ने प्रोजेक्ट में निवेश करने की बात की थी जिसके बाद प्रोजेक्ट में निवेश तो नहीं हो सका लेकिनकुलदीप कत्याल पारुल सिंह के नजदीक आ गया और डेढ़ साल पहले गौरव सती की कंपनी छोड़कर पारुल सिंह कुलदीप कत्याल के साथ उसके फ्लैट रहने लगी थी। कुलदीप कत्याल से गौरव सती की कंपनी संपर्क में थी लिहाजा कुलदीप कत्याल ने गौरव सती के कुछ प्रोजेक्ट को सरकारी विभाग से पास करवाने कि एवज़ में 20 लाख और कुछ प्लाटों की डिमांड की थी जिसके साक्ष्य गौरव सती ने मीडिया को उपलब्ध करवाए है । 20 लाख लेने के बाद कुलदीप कत्याल की एक अनोखी डिमांड आती है जिसमें वो गौरव सती से काम करवाने की एवज़ में एक करोड़ रुपए और उसकी अन्य महिला कर्मचारी से शारीरिक संबंध बनवाने की मांग करता है और मांग पूरी न होने पर गौरव सती के द्वारा खरीदी गयी जमीन को सरकारी जमीन घोषित करवाने की भी धमकी देता है और जब कुलदीप कत्याल के मंसूबें पूरे नहीं हो पाते तो वह बैलपड़ाव चौकी में गौरव सती के खिलाफ शिकायती पत्र देता है जिस पर पुलिस जांच करने के बाद गौरव सती को निर्दोष पाती है और एफआईआर दर्ज़ करने से मना कर देती है। जिसके बाद कुलदीप कत्याल गौरव सती और उनके सहयोगियों को जान से मारने की धमकी और उनके विरुद्द पुलिस से कार्यवाही करवाने की बात करता है और मुरादाबाद में हुई एफआईआर भी इसी बात का प्रमाण है कि कुलदीप कत्याल ने जो धमकी फोन पर गौरव सती के लिए दी थी वो सही साबित हो गयी। वॉइस रेकार्डिंग में स्पष्ट है कि कुलदीप के संबंध आला अधिकारियों के साथ पुलिस के अधिकारियों से भी है जिस कारण उसके द्वारा कार्यवाही को लेकर कही गयी हर बात सच साबित हो रही है।

गौरव सती के द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों न्यूज़ चैनल और वेब मीडिया को दिये गए दस्तावेजों, वॉइस रेकार्डिंग्स, व्हाट्स एप आदि में कई तरह के खुलासे हुए जिनमें जिलाधिकारी के नाम पर गौरव सती और उनके सहयोगियों से कुलदीप कत्याल के द्वारा लाखों की लूट की गयी। लूट यहीं नहीं रुकी इसके बाद एक करोड़ की डिमांड की गयी साथ में गौरव सती की महिला कर्मचारी से शारीरिक संबंध बनाने के लिए मांग की गयी। जब इन सभी प्रमाणों के साथ मीडिया में खबर प्रकाशित हुई तो कुलदीप कत्याल के सहयोगियों द्वारा मीडिया को खरीदने की भी कोशिश की गयी जिसमें बीस लाख रुपए की रिश्वत का ऑफर पत्रकारों को दिया गया जिसके साक्ष्य मौजूद है। जब रिश्वत लेने से पत्रकारों ने माना कर दिया तो कुलदीप कत्याल के उत्तराखंड में सहयोगियों जिनमें कुछ रियल एस्टेट के नामी व्यक्ति है और कुछ मीडिया से भी संबंध रखते है खबर का प्रकाशन रोकने के लिए कई तरह के दबाव भी पत्रकारों पर डाले गए बावजूद इसके ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए निष्पक्ष तौर पर ख़बर को प्रकाशित किया गया।

खबर प्रकाशित होने के बाद रुद्रपुर स्थित कार्यालय एक युवती आती है और कुलदीप कत्याल के खिलाफ बयान देती है जिस पर पत्रकार उसे पुलिस में शिकायत करने को कहते है जिसके बाद युवती 25 मई 2023 को कालाढुंगी थाने में कुलदीप कत्याल के खिलाफ बलात्कार यौनशोषण के आरोप लगाते हुए शिकायत करती है जिस पर कालाढुंगी पुलिस आईपीसी की धारा 376(2)/504/506/342 में ज़ीरो एफआईआर दर्ज़ कर देती है। लेकिन 25 मई से लेकर आज तक मुकदमा कालाढुंगी से चलकर कहाँ पहुंचा है इस पर पुलिसवाले मौन है। कालाढुंगी पुलिस के अनुसार एफआईआर नोएडा पुलिस को ट्रांसफर की गयी है। एफआईआर पहुँचने के बाद ही कार्यवाही के बारे में बताया जा सकता है।

इधर कुलदीप कत्याल ने युवती के परिवार को झांसे में लेने की कोशिश कि लेकिन बात नहीं बनी तो आंखिरकार कुलदीप कत्याल ने युवती और गौरव सती की कहानी मुरादाबाद पुलिस को सुनाई जिस पर पुलिस में तत्काल कार्यवाही करते हुए गौरव सती और पारुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 406/504/506 में एफआईआर दर्ज़ कर दी है।

युवती ने मीडिया को बताया कि कुलदीप कत्याल एक शादीशुदा व्यक्ति होने के बावजूद एक रसूखदार व्यक्ति हैजो अपने शौकीन मिजाज के लिए प्रशिद्ध है जिसे नयी नयी लड़कियों से संबंध बनाने का शौक है और इसी शौक के चलते कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया गया, लेकिन लोक लाज और मौत के भय के कारण से कोई सामने नहीं आ पाया और आज एक युवती ने कुलदीप कत्याल के खिलाफ जाकर शिकायत करने की हिम्मत जुटाई है जिसे दबाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। कुलदीप कत्याल पर मुरादाबाद में ही वर्ष 2002 से लेकर आज तक आईपीसी की धारा 323/504/506/325/ और 420 जैसी गंभीर धाराओं में केस लंबित चल रहे है।

अधीनस्थ कार्य करने वाली महिलाओं पर यौन उत्पीड़न और शोषण की घटनाएँ आम बात है वर्तमान में बीजेपी सरकार है जिसका महिलाओं के प्रति रवैय्या प्रतिकूल नजर आता है। बीजेपी सांसद ब्रज भूषण सिंह पर महिला पहलवानों के द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए कई दिन बीतने के बाद पुलिस ने सांसद ब्रज भूषण सिंह के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया है लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है जिससे पूरे देश में बीजेपी के खिलाफ माहौल बन रहा है। ऐसे में एक छोटे परिवार की अकेली लड़की जिसके परिवार को भी डरा धमकाकर उसके ही विरुद्द कर दिया गया है कुलदीप कत्याल के डर से उत्तराखंड आकर एफआईआर दर्ज़ करवाती है लेकिन एफआईआर पर कार्यवाही लंबित हो जाती है और युवती के खिलाफ ही मुकदमा पंजीकृत कर दिया जाता है अब ऐसे में देखना ये खास होगा कि क्या यूपी पुलिस निष्पक्ष तौर पर कार्यवाही करते हुए यूपी की बेटी को न्याय दिला पाती है या नहीं।


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