Nov 07, 2026
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उत्तराखंड फिल्म पुरस्कारों पर सीएम धामी की मुहर: लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को 'लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

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देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'उत्तराखंड फिल्म नीति-2024' के तहत वर्ष 2024 और 2025 के लिए चयनित फिल्मों, कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने के प्रस्ताव को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले से न केवल स्थानीय सिनेमा को एक नया मंच और प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देवभूमि की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान भी हासिल होगी।

उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, क्षेत्रीय सिनेमा और फिल्म जगत से जुड़ी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के तहत वर्ष 2024 और 2025 के लिए चयनित फिल्मों और कलाकारों को फिल्म पुरस्कार प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इन पुरस्कारों में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को जन-जन तक पहुंचाने वाले लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से नवाजा जाएगा। दोनों को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2024 के लिए गढ़वाली फिल्म ‘घपरोल’ को उत्तराखंड की बोली की फिल्मों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया है। फिल्म के निर्माता अजय ढौंडियाल हैं। इसी फिल्म के लिए सिद्धार्थ शर्मा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और पटकथा लेखक तथा विनय चानना को सर्वश्रेष्ठ छायाकार के पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। ‘कारा एक प्रथा’ के लिए रमेश रावत को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, शिवानी भंडारी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और अजय सिंह बिष्ट को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिलेगा। जौनसारी फिल्म ‘मेरे गांव की बाट’ के लिए मधुबाला को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री और अजब सिंह को सर्वश्रेष्ठ गायक के सम्मान के लिए चुना गया है। वर्ष 2025 की हिंदी फिल्म श्रेणी में ‘मनु क्या करेगा’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके निर्माता शरद मेहरा हैं। वहीं, ‘केसरी चैप्टर-2’ ने कई प्रमुख श्रेणियों में जगह बनाई है। फिल्म के लिए करण सिंह त्यागी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और पटकथा लेखक, अक्षय कुमार को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अनन्या पांडे को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, आर. माधवन को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और जुबिन नौटियाल को सर्वश्रेष्ठ गायक के पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। पटकथा लेखन में करण सिंह त्यागी के साथ अमृत पाल का नाम भी शामिल है। उत्तराखंडी बोली की फिल्मों में वर्ष 2025 के लिए गढ़वाली फिल्म ‘रैबार’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया है। इसके निर्माता और पटकथा लेखक भगत सिंह सैनी, निर्देशक सुशील उनियाल, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता राजेश नौगाई और सर्वश्रेष्ठ छायाकार धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया होंगे। वहीं, ‘द्वि होला जब साथ’ के लिए मनीष डिमरी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, कल्याणी गंगोला को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और विकास भारद्वाज को सर्वश्रेष्ठ गायक के पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुरस्कारों के तहत सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दो लाख रुपये, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक को डेढ़ लाख रुपये और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अभिनेत्री, पटकथा लेखक, सहायक अभिनेता-अभिनेत्री, गायक तथा छायाकार को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। निर्माता और निर्देशक को स्वर्ण ब्रह्मकमल के साथ प्रशस्ति पत्र तथा अन्य कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को रजत ब्रह्मकमल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, स्थानीय कलाकारों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उत्तराखंड की भाषा, लोकपरंपराओं तथा प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। पुरस्कारों के लिए नामों का चयन निर्णायक मंडल की संस्तुति के आधार पर किया गया है। इन सम्मानों से क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को प्रोत्साहन मिलने के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को पर्दे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।