Jul 27, 2026

डेंगू की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी, रांची स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश

post-img

रांची। राजधानी रांची में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्रों में व्यापक डेंगू सर्विलांस अभियान शुरू किया है। सोमवार को शहर के सात वार्डों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 166 घरों की जांच की, जिनमें से 29 घरों में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर का लार्वा मिला। इसके अलावा 1,046 पानी के बर्तनों और कंटेनरों की जांच में 48 स्थानों पर लार्वा पाया गया, जिससे शहर में डेंगू के बढ़ते खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

रांची सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन शहर के सात अलग-अलग वार्डों में सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर रहे हैं और संभावित डेंगू मरीजों की जानकारी जुटा रहे हैं। साथ ही, एडीज मच्छरों के प्रजनन स्थलों की गहन जांच भी की जा रही है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों, बाल्टियों और अन्य ऐसे स्थानों की जांच की, जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है। टीम ने जिन बर्तनों में लार्वा पाया, उन्हें तुरंत खाली करवाया और लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने के साथ सप्ताह में एक दिन 'सूखा दिवस' मनाने की सलाह दी, ताकि घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न हो सके। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नगर निगम के वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में 76 घरों की जांच की गई। इनमें 16 घरों में एडीज मच्छर का लार्वा मिला। इन वार्डों में कुल 680 पानी के बर्तनों की जांच हुई, जिनमें से 25 बर्तनों में लार्वा पाया गया। वहीं वार्ड संख्या 5, 16, 27 और 28 में 90 घरों का निरीक्षण किया गया। यहां 13 घरों में लार्वा मिला और 566 बर्तनों की जांच में 23 स्थानों पर एडीज मच्छर के लार्वा पाए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। ऐसे में घरों के भीतर रखे पानी के बर्तन, कूलर, फूलदान और टंकियां संक्रमण के सबसे बड़े स्रोत बन सकते हैं। यही कारण है कि विभाग लोगों को घरों के अंदर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, सिरदर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने लोगों को पूर्ण आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा मच्छररोधी उपाय नियमित रूप से अपनाने की सलाह भी दी। जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। यदि प्रत्येक परिवार सप्ताह में एक दिन घर और आसपास जमा पानी की सफाई सुनिश्चित करे, तो एडीज मच्छर के प्रजनन को काफी हद तक रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी सर्विलांस अभियान लगातार जारी रहेगा। डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए निगरानी, जन-जागरूकता और समय पर उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि सामूहिक प्रयासों से रांची को डेंगू मुक्त और स्वस्थ शहर बनाया जा सके।