बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में एक बार फिर कुदरत की हलचल से हड़कंप मच गया। शनिवार दोपहर बागेश्वर और इसके आसपास के इलाकों में भूकंप के मध्यम झटके महसूस किए गए। दोपहर करीब 12:35 बजे अचानक आई इस भूगर्भीय हलचल के चलते कई इलाकों में दहशत फैल गई और लोग एहतियातन अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता अपेक्षाकृत कम होने के कारण जिले में कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिले बागेश्वर में शनिवार दोपहर अचानक धरती हिलने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। बागेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर महज पांच किलोमीटर की गहराई में होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में झटके अपेक्षाकृत स्पष्ट महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिले में कहीं भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि भूकंप दोपहर 12 बजकर 35 मिनट 11 सेकंड पर दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसका केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में 29.984 अक्षांश उत्तर और 79.692 देशांतर पूर्व पर स्थित था। भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन कम गहराई पर केंद्र होने के कारण आसपास के इलाकों में लोगों ने झटके महसूस किए। अचानक धरती में कंपन महसूस होने के बाद कई स्थानों पर लोग एहतियातन अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी, लेकिन झटके थमने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन की ओर से लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की गई है। भूकंप के झटके महसूस होते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गया। जिला आपदा कंट्रोल रूम से जिले की विभिन्न तहसीलों, पुलिस चौकियों और राजस्व उपनिरीक्षकों से संपर्क कर स्थिति का फीडबैक लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में किसी प्रकार की क्षति या अप्रिय घटना की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक रिपोर्ट में जिले में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में आता है। ऐसे में यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप की स्थिति में भवनों की संवेदनशीलता, भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों के कारण प्रशासन के लिए त्वरित निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। यही वजह है कि मामूली तीव्रता के झटके महसूस होने के बाद भी प्रशासन ने तत्काल सूचनाएं जुटाने और स्थिति पर नजर रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति या भवन को नुकसान होने की स्थिति में तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए। लोगों को भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। फिलहाल बागेश्वर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। भूकंप के हल्के झटकों ने एक बार फिर पहाड़ी जिलों में आपदा तैयारियों और सुरक्षित भवन निर्माण की जरूरत को सामने ला दिया है। प्रशासन की सक्रियता के बीच अब सभी तहसीलों और संवेदनशील क्षेत्रों से प्राप्त फीडबैक पर नजर रखी जा रही है।